हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवम् विकास निगम
उद्देश्यः-
हरियाणा हरिजन कल्याण निगम का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति के
सदस्यों को विभिन्न आय उपार्जन योजनाओं के लिए वित्तिय सहायता उपलब्ध
करवाकर उनका जीवन स्तर ऊंचा उठाना है।
योजना
निगम अनुसूचित जाति के उन परिवारों को, जिनकी वार्षिक आय ग्रामीण
क्षेत्र में 11000/- रूपये से कम तथा शहरी क्षेत्रों में 11850 /- रूपये
से कम हैको विभिन्न आय उपार्जन योजनाओं जैसे पशुपालन, हथकरघा, आटा चक्की,
दरी बनान, चमड़ा व चमड़े का कार्य, खुरदरा व्यापार, जमीन खरीद के लिए, रहन
जमीन छुड़वाने के लिए, तिपहिया वाहन जीप, हल्के परिवहन वाहन आदि खरीदने के
लिए ऋण उपलब्ध करवाए जाते है।
सहायता का ढंग
क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा आवेदन पत्र एकत्रित करने के लिए गांवो
एवम् शहरों में कैम्प लगाए जाते है तथा इन शिविरों में ऋण आवेदन पत्र
प्राप्त कर स्वीकृति हेतू बैंक में भेजे जाते है। बैंक द्वारा ऋण स्वीकृती
के बाद परिसम्पत्ति की खरीद करवाकर निगम द्वारा अनुदान व मार्जन मनी की
राशि का भूगतान लाभग्राही को कर दिया जाता है। आवेदन कर्ता को फार्म लेते
समय राशन कार्ड निगम कार्यालय में लाना जरूरी है।
अनुदान
निगम द्वारा अधितकम 10 हजार रूपये का अनुदान तथा ऋण राशि का 25
प्रतिशत मार्जन मनी के रूप में दिया जाता है तथा मलीन धन्धो में संलिप्त
परिवारों के पुनर्वास हेतू मार्जन मनी 15 प्रतिशत दी जाती है।
सम्पर्कः-
जिला प्रबन्धक
हरियाणा अनुसूचित जाति फोनः 2247488
वित्त एवम् विकास निगम्
गीता भवन, सोनीपत।