स्वर्ण जयन्ती ग्राम स्वरोजगार योजना
उद्देश्यः इस योजना का उद्देश्य गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे परिवारो को रोजगार शुरू करवाना एंव उनका जीवन स्तर उपर उठाना है ताकि वो गरीबी से निजात पा सकें।
स्वंय सहायता समूहः स्वंय सहायता समूह ऐसे गरीब व्यक्तियों का समूह होता है जो अपनी सहायता स्वंय करना चाहते है। ये व्यक्ति अपनी कमाई में से थोडी-थोडी राशि बचत के रूप में जमा करते है। इस इकट्ठी हुई राशि से वे एक-दूसरे को उधार(लोन) दे सकते है। इस प्रकार समूह अपने सदस्यों के लिए एक छोटे बैंक के रूप में काम करेगा। शुरू के छः महीने तक समूह इसी तरह अपना कार्य करता रहेगा उसके बाद सफलता पुर्वक कार्य करने वाले समूह को 25,000/-  रूपये रिवोलविंग फण्ड के रूप में दिया जायेगा। इसमें 10,000/-  रूपये की राशि डी.आर.डी.ए. द्वारा तथा शेष 15,000/-  रूपये की राशि बैंक द्वारा दी जाती है। इस राशि से समूह अपने कार्य का विस्तार कर सकता है। रिवोलविंग फण्ड मिलने के 6 महीने बाद अर्थात समूह के गठन के एक वर्ष पश्चात स्वंय सहायता समूह काम-धन्धे के लिए बैंक से ऋण ले सकता है।
पात्र कौनः ग्रामीण क्षेत्र के गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रबे परिवार इस योजना के पात्र है।
सहायताः स्वंय सहायता समूह को गठन उपरान्त 6 माह बाद 10000/- रूपये की अनूदान राशि रिवाल्विंग फण्ड के रूप में दी जाती है एंव एक साल बाद उन्हे 50 प्रतिशत की दर से अनुदान राशि मिलती है जिसकी अधितकम राशि 1,25,000/- रूपये है और 10,000/- रूपये प्रति पीला कार्ड धारी को अनुदान राशि मिलती है।
सहायता किस कार्य लिएः- उन सभी कार्यो के लिए जिन्हे करने से आय में स्थाई वृद्धी होती है जैसे भैंसो की डेयरी, नर्सरी, खुम्भी उगाना, गमले बनान, मधुमक्खी पालना, जूते बनाना एंव चमड़े का कार्य करना, ट्रक पेटी बनाना, फर्नीचर का कार्य, हैण्डलूम, दरी बनाना, सिमेन्ट ककंरीट के ब्लांक बनान, मछली पालन, रेडीमेड गारमेंट्स, कृषी के उपकरण बनान, पंजीरी बनान आदि।
 
अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क करे।                         फोनः 2222700, 701
अतिरिक्त उपायुक्त एंव मुख्य कार्यकारी अधिकारी,
जिला ग्रामीण विकास अभिकरण,
विकास सदन, सोनीपत