सहकारी बैंक की योजनाएं
ऋण योजनाओं बारे संक्षिप्त जानकारीः-
       जिले की अर्थव्यवस्था में सहकारी बैंक कैथल अग्रणी भूमिका अदा कर रहा है व अपनी 23 शाखाओं और 119 मिनी बैंको के माध्यम से किसानों, ग्रामीण दस्तकारों, छोटे दुकानदारों, कृषि मजदूरों और नवयुवकों को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए ऋण प्रदान करता है।
(क) एकीकृत ऋण योजनाः-
लाभार्थीः-
       कारीगर व्यक्तियों के समूह, सहकारी औद्योगिक समितियां, पंजीकृत ट्रस्ट, स्वैच्छिक संस्थाएं, सांझेदारी फर्म, निजी फर्म तथा सार्वजनिक समिति, दायित्व वाली कम्पनियां तथा अनौपचारिक संस्थाओं में सम्मिलित व्यापारिक संघ।
सहायता के प्रकार
       एक परिचालक चक्र हेतू कार्यशील पूंजी सहिक निवेश ऋण/समिश्र ऋण योजना के अन्तर्गत आने वाले कार्यकलाप, योजना के अन्तर्गत ऋण के पात्र है।
ऋण सीमाः- अधिकतम 15.00 लाख
परियोजना घटक
       भूमि तथा भूमि विकास लागत/ऋण प्राप्तकर्ता द्वारा देय मार्जिन राशि तक सिमित/कारखाने की लागत संयत्र और मशीनरी, उपकरण, औजार, तकनीकी उच्चीकरण परियोजना, परियोजना निर्माण तथा परामर्श सेवा, प्रारम्भिक तथा पुर्वप्रदत व्यय एंव परिचालन हेतू कार्यशील पूंजी।
ऋणी का हिस्सा
1.00 लाख रूपये तक के लिए           5 प्रतिशत
1.00 लाख से अधिक ऋण के लिए       10 प्रतिशत
भुगतान अवधिः- 3 से 10 वर्ष
ऋण स्थगन अवधिः- 12 माह लेकिन विशेष मामलों में 18 माह तक भी
ब्याज दरः- 1 से 25000 रूपये तक                     10 प्रतिशत वार्षिक
       25000 से 2.00 लाख तक                    11 प्रतिशत वार्षिक
       2.00 लाख से अधिक                         12 प्रतिशत वार्षिक
जमानत
       साज समान, अचल सम्पत्ति जो कि ऋण से ड़ेढ गुणा कीमत की होनी चाहिए।
(ख) किसान क्रेडिट कार्ड स्कीमः-
उद्देश्यः-
       कृषी क्षेत्र में अधिक पैदावार हासिल करने के लिए उत्तम खाद, बीज खरपतवार व कीटनाशक दवाईयों की खरीद के लिए व अन्य कृषी पैदावार से सम्बन्धित जरूरतों की पुर्ती के लिए वित्तिय सहायता प्रदान करना।
पात्रताः-
       जिला सोनीपत का कोई भी किसान/काश्तकार
ऋण सीमा व ब्याजः-
       इस उद्देश्य के लिए अधिकतम ऋण 45000 रूपये नकद व 25000 रूपये खाद, बीज व दवाई के रूप में प्रति एकड़ 500 रूपये नकद व 2200 रूपये खाद, बीज व दवाई इत्यादि के रूप में, खरीफ फसल के लिए दिया जाता है। खाद, बीज, खरपतवार/कीटनाशक दवाईंयों का स्टाक गांवो में स्थित सहकारी समितियों के पास हर समय उपलब्ध रहता है। नकद राशि बैंक की शाखा से प्राप्त की जाती है। इस ऋण पर ब्याज दर 25000 रूपये तक की राशि पर 14 प्रतिशत तथा इससे उपर 15 प्रतिशत वार्षिक दर से लिया जाता है।
प्रक्रियाः-
       इस ऋण को लेने के लिए कृषक/काश्तकार को गांवो में स्थित सहकारी समिति का सदस्य बनना होता है। तदोपरान्त सहकारी समिति का सचिव उक्त व्यक्ति की काश्त की जाने वाली भूमि का रिकार्ड पटवारी से तसदीक करवाता बै जिसके आधार पर सदस्य की अधितकम ऋण सीमा समिति की प्रबन्धक समिति द्वारा स्वीकृत की जाती है। इसके बाद समिति की प्रबन्धक कमेटी, प्रस्ताव के माध्यम से सहकारी बैंक से अधिकतम ऋण सीमा निर्धारित करवाती है। इसके प्रश्चात समिति सचिव द्वारा सदस्य को चैक बुक व पास बुक जारी की जाती है इस चैंक द्वारा सदस्य नकद राशि अपने नजदीकी की सहकारी बैंक की शाखा से व खाद, बीज, दवाई इत्यादि अपनी सहकारी समिति से ले सकता है।
अदायगी समयः
       खरीफ फसल के लिए दिए गये ऋण की अदायगी की अन्तिम तिथि 31 जनवरी व रबी की फसल के लिए दिये गये ऋण की अदायगी की अन्तिम तिथी 31 मई होती है।
(ग) कैश क्रेडिट योजनाः-
उद्देश्य
       किसी भी उत्पाद की खरीद बिक्री इत्यादि और व्यापार पर होने वाले खर्चे कि लिए पूंजी उपलब्ध करवाना।
लाभार्थी
       व्यक्ति फर्म, कम्पनी आदि जो कि माल की खरीद फरोख्त इत्यादि करता हो और बैंक के कार्यक्षेत्र में रहता हो।
ऋण सीमा
       अधितकम 5.00 लाख या फर्म के विगत साल के कुल व्यापार के टर्न ओवर का 40 प्रतिशत जो भी कम हो। एक समय में रहन स्टाक का 60 प्रतिशत कीमत के बराबर ऋण मिल सकता है।
स्टाक का मूल्यांकन
       रहन स्टांक का मूल्यांकन  उसकी बुक वैल्यू या बाजारी कीमत जो भी कम हो।
अवधि ऋण सीमा एक साल होगी व हर वर्श फर्म की निगत साल के व्यवहार को देखते हुए तय की जाएगी।
जमानत
       हाईपोथिकेटिड स्टांक जो कि पुर्णतया बीमाकृत हो के अतिरिक्त स्वीकृत की गई कैश क्रेडिट के डेढ गुणा मूल्य की जमानत स्वीकार्य होगी? यदि ऋणी के पास देने के लिए इतने मूल्य की सिक्योरिटी नही है तो वह किसी तीसरे व्यक्ति की ऐसी जमानत दिलवा सकता है?
ब्याज दर
       रिजर्व बैंक /नाबार्ड द्वारा समय-समय पर निर्देशानुसार। इस समय मौजूदा ब्याज दर 16 प्रतिशत है  व समय पर अदायगी न होने की सूरत में 3 प्रतिशत दण्डात्मक ब्याज लिया जाता है।
(घ) कृषी भूमि खरीदने हेतू ऋणः-
उद्देश्य
       कृषी उत्पादन एंव उत्पादकता बढाने, छोटे किसानो एंव काश्तकारों को कृषी भूमि खरीदने या बंजर जमीन को कृषी योग्य बनाने के लिए
ऋण सीमा
       खरीदी जाने वाली भूमि की राजस्व विभाग द्वारा निर्धारित कीमत व उस पर आने वाले खर्चों पर निर्भर।
भूमि का मूल्यांकन
विगत पांच सालों में रहे भूमि के औसत मूल्य के बराबर आंका जाएगा जमानत के तौर पर ऋणी से खरीदी गई भूमि रहन की जाएगी। ऋण तीसरे आदमी के द्वारा जमीन रहन करने पर भी दिया जा सकता है।
ऋणी का हिस्साः- 25 प्रततिशत
ऋण का भूगतानः- 7 वर्ष से लेकर 10 वर्ष तक अर्ध वार्षिक या वार्षिक किस्तो में
स्थगन अवधिः- अधिकतम 24 महीने
ब्याज दर
       ब्याज दर समय-समय पर रिजर्व बैंक या नाबार्ड के निर्देशानुसार तय की जाती है। मौजूदा ब्याज दर निम्न प्रकार से हैः-
       1 से 25000 रूपये तक          10 प्रतिशत वार्षिक
       25000 से 2.00 लाख तक       11 प्रतिशत वार्षिक
       2.00 लाख से अधिक           12 प्रतिशत वार्षिक
(ड) ग्रामीण आंचल में गोदाम बनाने हेतू ऋण
उद्देश्यः-
       देश में बढती हुई पैदावार को देखते हुए किसानो को अपनी व उपज का अच्छा भाव लेने, ग्राणीण श्रेत्र में अनाज भण्डारण के लिए गोदाम बनाना व पहले गोदामों में सुधार लाना इत्यादि।
लाभार्थी
       किसान स्वंय, समूह या निजी स्वामित्व, सांझेदारी संस्थाएं तथा सहकारी समितियां इत्यादि।
स्थापना क्षेत्रः- ग्रामीण क्षेत्र दो कि नगरपालिका की सीमा से बाहर हो।
गोदाम क्षमता
       गोदाम कम से कम 100 मिट्रिक टन तथा अधिक से अधिक 10000 मिट्रिक टन की क्षमता
अनुदान
       ऐसे गोदामों पर ऋण का 25 प्रतिशत अनुदान (अधिकतम अनुदान 37.50 लाख) सरकार द्वारा प्रदान किया जाता है।
ब्याज दर
       समय-समय पर रिजर्व बैंक या नाबार्ड के निर्देशानुसार तय की जाती है। मौजूदा ब्याज दर इस प्रकार से है।
      
       1 से 25000 रूपये तक          10 प्रतिशत वार्षिक
       25000 से 2.00 लाख तक             11 प्रतिशत वार्षिक
       2.00 लाख से अधिक           12 प्रतिशत वार्षिक
ऋण भुगतान अवधिः-    11 वर्ष
स्थगन अवधि          1 वर्ष
 
(च) ग्रामीम क्षेत्र में गृह निर्माण हेतू
उद्देश्यः
       यह ऋण नया मकान बनाने, मकान की मुरम्मत करवाने या मकान मां वृद्धि करने के लिए ऐसे गांव/कस्बे में दिया जाता है जिसकी आबादी 50,000 या इससे कम हो।
पात्रताः-
       जिनके पास नियमित आय का साधन है जैसे वकील, डाक्टर, व्यापारी, इन्जिनियर आदि। यह ऋण आवेदक की 50 महीने की आमदनी या 5.00 लाख रूपये जो भी कम है तक दिया जा सकता है। आवेदक सरकार/निगम, बोर्ड या सहकारी संस्था का कर्मचारी/अधिकारी भी हो सकता है। आवेदक की आयु 20 वर्ष से 50 वर्ष तक होनी चाहिये।
ऋण की सीमाः-
       प्रस्तावित मकान की लागक 7.50 लाख से अधिक नही होनी चाहिए यदि प्लाट खरीद के लिए भी ऋण लिया गया हो तो यह कीमत ऋण की मार्जिन मनी मानी जाएगी। ऋण की अधिकतम सीमा नया मकान बनाने के लिए 5.00 लाख व पुराने मकान की मुरम्मत आदि के लिए 50,000 रूपये होगी। यह ऋण तीन किस्तो में दिया जाता है। इस ऋण की प्रथम किश्त ऋण की 40 प्रतिशत पलिंथ लेबल तक बनाने के लिए, दुसरी किश्त 30 प्रतिशत छत तक बनाने के लिए व तीसरी किश्त 30 प्रतिशत होगी।
ऋणी का हिस्साः 2.00 लाख तक         15 प्रतिशत
              2.00 लाख से उपर      25 प्रतिशत
जमानतः
       प्लाट, मकान, जो कि बनवाया जाना या जिसकी मुरम्मत आदि करवानी है, बैंक के नाम रहन होगा। नए बनाये गए मकान का बीमा करवाना होगा जिसकी क्लाज में बैंक का नाम होगा। इसके अतिरक्त दो व्यक्तिगत जमानती होगें जो बैंक को मान्य बोने चाहिये?1 से 25000 रूपये तक              1 से 25,000                 10 प्रतिशत
       25000 से 2.00 लाख तक             11 प्रतिशत
       2.00 लाख से 5.00 लाख तक    12 प्रतिशत
 
       इसके अतिरिक्त समय पर किश्त अदा न करने पर 2 प्रतिशत अधिक दण्डात्मक ब्याज लिया जायेगा। बैंक समय-समय पर ब्याज दरों में परिवर्तन कर सकता है।
ऋण भुगतानः- यह अवधि नया मकान बनाने के लिये 15 वर्ष व मुरम्मत आदि के लिए लिये गए ऋण की अवधि 5 वर्ष से अधिक नही होगी। यह ऋण 15 वर्ष मासिक किश्तो या कर्मचारी का रिटायरमैंट तक और व्यवसायी या व्यापारी की 65 वर्ष की आयु तक अदा करना होगा।
(छ) ग्रामीण दस्तकारों, छोटे दुकानदारो व भूमिहीन मजदुरो को ऋणः-
उद्देश्यः- गांव में रहने वाले दसतकारो व छोटे दुकानदारो को उनका काम धन्धा चलाने कि लिए व भूमिहीन मजदूरों को उनकी घरेलू जरूरतो के लिए।
 
लाभार्थीः- किसी भी सहकारी समिति का सदस्य जो गांव में दुकान करता हो या दस्तकार हो या मजदूरी करता हो।
ऋण सीमाः-     10,000 रूपये
प्रक्रिया
       व्यक्ति को अपने क्षेत्र की सहकारी समिति का सदस्य बनना होगा तदोपरान्त समिति उसकी कारोबारी निजी आवश्यकताओं अनुसार ऋण सीमा निश्चित करके सहकारी बैंक को भैजेगी। सहकारी बैंक से ऋण सीमा स्वीकृत होने के बाद समिति सचिव प्रत्येक सदस्य को पास बुक व चैक बुक जारी करेगा जिससे सदस्य ऋण की राशि आवश्यकतानुसार अपने निकटतम सहकारी बैंक की शाखा से ले सकेगा।
विशेषताएं
       इसके लिए सदस्य  को कोई रसीद इत्यादि नही देनी होगी? ऋण, सदस्य स्वंय बैंक से ले सकता है।
ब्याज दरः-      भूमिहीन/मजदूर/दस्तकार        13 प्रतिशत
              दुकानदार                     16 प्रतिशत
(ज) घरेलू सामान की खरीद हेतू ऋण
उद्देश्य
       नया घरेलू सामान जैसे फ्रिज, टैलिविजन, स्कूटर, मोटरसाईकिल, फर्नीचर, बिजली का सामान इत्यादि की खरीद हेतू।
लाभार्थी
       कोई भी आयकर दाता व्यक्ति जो बैंक के कार्यक्षेत्र में रहता हो और सरकारी या किसी निगम बोर्ड, सहकारी संस्था का कर्मचारी हो, अधिकारीहो, प्रैक्टिस करता हुआ वकील, डाक्टर, चार्टड अकांउंटैंट, इन्जिनियर, आर्किटैक्ट इत्यादि।
ऋण सीमा
खरीद किये जाने वाले समाना की कीमत का 75 प्रतिशत या 50000 रूपये जो कम हो।
प्रकिया
       ऋण आवेदक आवेदन पत्र के साथ अधिकृत विक्रेता जिससे सामान खरीदना है, से प्राप्त कूटेशन लगाकर अपनी निकटतम सहकारी बैंक की शाखा में आवेदन करेगा व मार्जिन मनी जमा करवाएगा।
जमानत
       ऋण से खरीदा गया समान बैंक के नाम रहन रहेगा और पूर्णतयाः बीमाकृत होगा। इसके अतिरिक्त दो व्यक्ति जिनके पास अपनी सम्पत्ति हो, की व्यक्तिगत जमानत दिलवानी होगी।
ऋण की वापसीः- तीन वर्ष(बराबर 36 मासिक किश्तो में)
ब्याज दरः- 16 प्रतिशत। समय पर न चुकाने पर 3 प्रतिशत अधिक दण्डात्मक ब्याज लिया जाएगा। ब्याज दर समय-समय पर बदली भी जा सकती है।
(झ) छोटे सड़क परिवहन चालकों के लिए ऋण योजना
उद्देश्यः-
       आटो रिक्शा, मोटर गाडी जिनका उपयोग माल ढोने के साथ-साथ यात्रियों के आवागमन हेतू भी किया जा सकता है। इन गाडियों के कुल अधिकतम भार 16.5 टन से अधिक नही होना चाहिए।
पात्रताः-
       ऋणकर्ता को या तो स्वंय परिवहन क्षेत्र में गाड़ी चलाने का अनुभव हो या वह किसी अनुभवी चालक को काम पर रखे। ऐसे ऋणकर्ता या चालक कर्मचारी के पास बैध ड्राईविंग लाईसैंस होना चाहिए।
 
लाभार्थी        व्यक्ति, सहकारी संस्था
ऋणी का हिस्सा  न्यूनतम 15 प्रतिशत
ऋण अदायगी    5 वर्ष, 6 माह की स्थगन सुविधा के साथ
ब्याज दर       1 से 25000 रूपये तक          10 प्रतिशत वार्षिक
              25000 से 2.00 लाख तक             11 प्रतिशत वार्षिक
              2.00 लाख से अधिक           12 प्रतिशत वार्षिक
(ञ) रिवोलविंग कैश क्रेडिट स्कीम
उद्देश्यः-
       इस योजना के अनतर्गत किसानो को उनकी सामाजिक व आर्थिक आवश्यकताओं की पुर्ति हेतू ऋण दिया जाता है।
पात्रताः- शिक्षित व अशिक्षित भू-स्वामी किसान
ऋण सीमा
जोत का आकार                ऋण सीमा
पांच एकड़ तक                50,000
पांच एकड़ से 15 एकड़ तक       10,000 प्रति एकड़
15 एकड़ से अधिक             2,00,000 रूपये
 
नोटः यह सुविधा किसान क्रेडिट कार्ड के अलावा प्रदान की जाती है।
ब्याज दर                     12 प्रतिशत
अदायगी समय                तीन साल के अन्दर तीन किश्तो में
विशेषताएं       1. नकद भुगतान
              2. किसी प्रकार के बिल की आवश्यकता नही
(प) समिश्र ऋण योजनाः-
उद्देश्य
       काश्तकार, हस्तशिल्पी तथा अन्य छोटे उद्यमी को ऋण प्रदान करना।
सहायता
       मिश्रित ऋण केवल निवेश केवल कार्यशील पूंजी या दोनो के लिए हो सकता है।
लाभार्थी
       ग्रामीण कारीगर, दस्तकार, छोटे उद्यमी, व्यक्तियों के समूह तथा सांझेदारी फर्म। भारत सरकार के वित मंत्रालय द्वारा नकारात्मक सूचि में इंगित औद्यौगिक गतिविधियों के अतिरक्त सभी औद्यौगिक गतिविधियाँ, इसके अतिरक्त ऐसी सेवा सम्बन्धी गतिविधियां जो ग्राणीण औद्यौगिकीकरण में सहायक हो तथा घरेलू सेवा सम्बन्धी गतिविधियां भी इसके अन्तर्गत आती है लेकिन पूर्णतः व्यापारिक इसमें शामिल नही है।
ऋण सीमाः-                  10 लाख तक
ऋणी का हिस्सा                कुछ नही
भुगतान अवधिः-               3 से 10 साल
ऋण स्थगन अवधिः-            12 माह
सम्पर्कः-
       प्रबन्ध निर्देशक
       दि सोनीपत सैन्ट्रल को-ओपरेटिव बैंक
              अथवा                              फोनः-  2242527
       शाखा प्रबन्धक
       को-ओपरेटिव बैक शाखा? मिशन चौंक, सोनीपत