वन विकास
योजनाः- समन्वित ग्राम वनीकरण योजना
उद्देश्य
ग्राम वासियो के सहयोग से वनीकरण को बढावा देते हुए गांव को मूलभूत
सुविधाएं प्रदान करना, ग्रामीण जनता को अधिक रोजगार के अवसर प्रदान करना।
पौधा रोपण, वन विकास
व पर्यावरण को शुद्ध करना व प्राणियों को अतिरिक्त सुरक्षा?आश्रय प्रदान
करना।
योजना
ग्रामीण क्षेत्रों में घास, चारा व बालन उपलब्ध करवाना। सामाजिक व
आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को रोजगार उपलब्ध करवाना। सरकारी भूमि पर
पौधारोपण करना तथा पौधारोपण के स्थापित होने कर सभी ग्रामवासियों के सहयोग
से इसकी अच्छी प्रकार से देखभाल करना। निःशुल्क अथवा उचित दरों पर गांव के
किसानों, सरकारी विभागों तथा संस्थाओं आदि को वन पौधशालाओं से पौध उपलब्ध
करवाना। गांवों में जोहड़ खोदना, पानी की निकासी के लिए नालियां बनाना तथा
उनको पक्का कराना, नलके लगवाना, गलियों की दशा सुधारना आदि। पौधारोपण के
साथ-साथ कृषि वानिकी, मछली पालन, पशुपालन, मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन
इत्यादि साथ जुडे हुए कार्यों को करवाना।
योजना का विवरण
इस योजना के अन्तर्गत 20 से 30 सदस्यों की ग्राम समिति बनाई जाती है
वन विभाग द्वारा विकास कार्यों के लिए समिति को राशि उपलब्ध करवाई जाती है।
इस समिति से विकास कार्य के लिए प्रस्ताव पास होने के बाद विभाग द्वारा
एस्टीमेट की पूरी राशि जारी की जाती है। समिति का वन एंव वनप्राणियों की
सपरक्षा सुनिश्चित करनें में विभाग को सहयोग करने का दायित्व होता है। इस
योजना में सरकारी भूमि में पौधारोपण कर वनों का विकास किया जाता है। इसके
अतिरिक्त गांव के रास्तों में मिट्टी डालवाना, पीने के पानी के लिए नलका
लगवाना, शमशान घाटों में शैड़ बनवाना, गलियां पक्की करवाना इत्यादि कार्य
करवाए जा सकते है तथा आम जनता, सरकारी विभागों व अन्य संस्थाओं को
फलदार/छायादार पौधों की पौध वनमण्डल की नर्सरी से वितरित की जाती है।
नर्सरियों की सूचीः-
विभाग की रेंज नर्सरी का नाम
सरकार की हिदायतों के अनुसार किसानों को उनके खेत के किनारों पर लगे
वृक्षों की कीमतों में से 50 प्रतिशत मालिकाना हक दिया जाता है।
पात्रता
सरकारी विभाग,सहकारी/गैर सरकारी संस्थाएं, आम नागरिक व किसान
सम्पर्कः-
वन मण्डल अधिकारी नजदीक फोनः- 2222933
पंचायत भवन, सोनीपत