राष्ट्रीय मातृत्व लाभ योजना
 
राष्ट्रीय मातृत्व लाभ योजना राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का भाग है।
उद्देश्यः- गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान कुपोषण से बचाव हेतू खुराक के लिए सहायता राशि प्रदान करना।
सहायता की राशिः-
       योजना के अन्तर्गत गर्भवती महिसा को बच्चे के जन्म से 12-18 सप्ताह पहले 500 /-रूपये की नकद सहायता प्रदान की जाती है। विशेष कारणों के दृष्टिगत यह राशि बच्चे के जन्म देने के बाद भी दी जा सकती है।
पात्रताः-
1. महिला गरीबी रेखा से नीचे के परिवार से सम्बन्धित होनी चाहिए।
2. महिला की आयु 19 वर्ष या इससे अधिक हो।
3. योजना के अन्तर्गत लाभ केवल दो जिवित जन्में बच्चों तक ही दिया जायेगा चाहे बच्चा किसी भी लिंग का क्यों न हो।
4. महिला का गर्भपात होने या मृत बच्चा पैदा होने पर यह लाभ तीसरे बच्चे के गर्भकाल में भी महिला को दिया जा सकता है।
गर्भवती होने का प्रमाण पत्रः
       महिला को गर्भवती होने का प्रमाण पत्र गांव की ए.एन.एम. से प्राप्त करना होता है?
सहायता प्राप्त करने की प्रक्रियाः-
       लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन फार्म ग्राणीण क्षेत्रों में आंगनवाडी कार्यकर्ताओं के पास तथा शहरी क्षेत्रो में चिकित्सा अधिकारी/सिविल सर्जन से निःशुल्क प्राप्त किया जा सकता है। आवेदन पत्र भरकर इन्ही कार्यकर्ताओं/अधिकारियों को सौंपे जा सकते है। ग्रामीण क्षेत्रों में 500/- रूपये की राशि की अदायगी बाल विकास परियोजना अधिकारी द्वारा तथा शहरी क्षेत्रों में सम्बन्धित चिकित्सा अधिकारी/वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी द्वारा की जाती है। अदायगी करने का तरीका अपनी बेटी-अपना धन योजना जैसा ही है।
सम्पर्क सूत्रः
गांव स्तर परः   आंगनवाडी कार्यकर्ता/सुपरवाईजर(आई.सी.डी.एस.)
खण्ड स्तर परः  बाल विकास परियोजना अधिकारी।
जिला स्तर परः  कार्यक्रम अधिकारी (आई.सी.डी.एस.)       फोनः-2222735, 2218407,
              सिविल सर्जन/अतिरिक्त उपायुक्त।         2222700, 2211701