मत्स्य पालन योजना
उद्देश्यः
       मत्स्य किसान विकास एजैन्सी का मुख्य उद्देश्य बेरोजगार व्यक्तियों को मछली पालन का प्रशिक्षण जेकर उनको ग्राम पंचायत से तालाब पट्टे पर दिलहाकर या अपनी बेकार पड़ी निजी भूमि में तालाब बनाकर मछली पालन करवाना है जो कि एक उत्तम स्वरोजगार है।
पात्रताः-
       मछली पालन स्वरोजगार अपनाने के लिए किसी भी शैक्षिण योग्यता या आयु की पाबन्दी नही है। मत्स्य पालन करने वाले व्यक्ति को मत्स्य विभाग द्वारा दिए जाने वाला मछली पालन प्रशिक्षण प्राप्त करना आवश्यक है जिसके लिए मत्स्य पालक को 50/- रूपये प्रतिदिन की दर से प्रशिक्षण भत्ता भी दिया जाता है।
योजना का विवरणः
       मत्स्य किसान विकास एजैन्सी द्वारा मत्स्य किसानों की सहायता हेतू मुख्य रूप से दो प्रकार की योदनाएं चलाई जा रही है।
क) पंचायती तालाबों को पट्टे पर दिलवाकर मत्स्य पालन-
       मत्स्य पालकों को ग्रामीण तालाबों को ग्राम पंचायत से पांच से दस वर्ष के लिए पट्टे पर दिलवाकर, इन तालाबों में मत्स्य पालन करवाया जाता है। इसके लिए किसानों को निम्नलिखित वित्तिय सहायता उपलब्ध करवाई जाती है।
1) तालाब सुधार हेतू सहायताः
       मत्स्य पालकों को पट्टे पर लिए हुए तालाब में सुधार कार्य जैसे कि तालाब की गहराई बढवाने, बंध बनवाने तथा आउटलेट, इनलेट आदि बनवाने के लिए 60000/- रूपये प्रति हैक्येटर पर बैंक ऋण दिलवाया जाता है तथा उस पर 20 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है।
2) खाद्य खुराक व बीज आदि के लिए सहायताः
मत्स्य पालकों को मछली तालाब में मछली की खाद्य-खुराक व बीज आदि के लिए 30,000/- रूपये बैंक ऋण तथा उस पर 20 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है।
आवश्यक दस्तावेजः
       1. शपथ पत्र
       2. इकरार नामा
       3. इकरारनामा मत्स्य पालक व ग्राम पंचायत के बीच में
       4. तालाब की नकल जमाबन्दी व हक शिजरा
       5. दो पासपोर्ट साईज फोटो
       6. पट्टा धनराशि की रसीद (फार्म 4 पर )
       7. नकल प्रस्ताव ग्राम पंचायत तालाब पट्टे पर देने बारे
       8. प्रशिक्षण प्रमाण -पत्र
ख) निजि भूमि में नए तालाब का निर्माणः
       अपनी भूमि में मछली पालन तालाब बनाने हेतू मत्स्य किसानो को निम्नलिखित सहायता उपलब्ध करवाई जाती है।
1.  तालाब खुदाई हेतूः अपनी निजी भूमि में तालाब की कुदाई हेतू 2.00 लाख रूपये प्रति हैक्टेयर की दर से बैंक ऋण दिलवाया जाता है। उस पर 20 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है।
2.  खाद्य-खुराक व बीज आदि पर सहायताः मत्स्य किसान को मछली तालाब में योजना (क) की तरह ही 30000/- रूपये का बैंक ऋण तथा उस पर 20 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है।
3. मत्स्य बीज हैचरी का निर्माणः एक हैक्टेयर निजी भूमि में चायनित मत्स्य बीज हैचरी का निर्णाम करने के लिए 8.00 लाख रूपये का बैंक ऋण तथा उस पर 10 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है।
4. एकीकृत मछली पालन हेतू सहायताः मछली पालन के साथ डेयरी, सुअर पालन या मुर्गी पालन करने पर 80000/- रूपये का बैंक ऋण तथा उस पर 20 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है।
5. एरिएटर लगाने हेतू सहायताः तालाब में अदिक मछली उत्पादन लेने के लिए उसमें एरिएटर लगाने हेतू 50000/- रूपये का बैंक ऋण तथा उस पर 20 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है।
नोटः- उपरोक्त सभी कार्यों के लिए अनुसूचित जाति के प्रार्थियों को 20 प्रतिशत के स्थान पर 25 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है।
आवश्यक दस्तावेजः- मत्स्य पालन के इच्छुक प्रार्थियों को अपनी भूमि में तालाब बनाने हेतू निम्नलिखित दस्तावेज प्रस्तुत करने होते है।
1. जिस भूमि में तालाब बनान है उसकी नकल जमाबन्दी हक शिजरा
2. इस आश्य का शपथ-पत्र कि वह बेरोजगार है तथा मत्स्य पालन हेतू अन्य कहीं से भी कोई ऋण या अनुदान नही लिया है।
3. मत्स्य पालक व मत्स्य किसान विकास एजेन्सी के बीच इकरार नामा।
4. प्रशिक्षण प्रमाण पत्र।
5. दो पासपोर्ट साईज फोटो
तकनीकी सहायताः
       मत्स्य पालकों को एजेन्सी द्वारा विभिन्न प्रकार की तकनीकी सहायता जैसे कि तालाब में मछली बढोतरी व बीमारी इत्यादि की जांच, ट्रायल नेंटिंग आदि के लिए उपलब्ध करवाई जाती है। इसके अतिरिक्त 75 /-रूपये प्रति हजार की दर से उत्तम क्वालिटी का बीज उनके तालाब पर उपलब्ध करवाया जाता है।
सम्पर्कः-
       मुख्य कार्यकारी अधिकारी                फोनः 2246672
       मत्स्य किसान विकास एजेन्सी   
       पी.डब्लयू.डी. रैस्ट हाऊस, सोनीपत।