बालिका सम़द्वि योजना
भारत सरकार द्वारा बालिका सम़द्वि योजना 15 अगस्त 1947 से लागू की
गई है जो कि हरियाणा राज्य में भी लागू है।(संशोधन पूर्व योजना के
अन्तर्गत गरीबी रेखा के नीचे परिवारों की महिलाओं को दो बालिकाओं के
जन्म तक पोषाहार एंव स्वास्थ्य देखभाल के लिये 500/- रूपये दिये जाते
थे अब योजना के संशोधित स्वरूप में लाभ केवल बालिका को मिलता है)
उद्देश्यः-
स्कूलों में बालिकाओं की संख्या में सुधार लाना,
लडकियों की शादी की उम्र बढाना तथा लडकियों को आय उपार्जित गतिविधियां शुरू
करने के लिये सहायता प्रदान करना मां के प्रति परिवार एंव समुदाय की
नकारात्मक सोच में परिवर्तन लाना।
संशोधित योजना के अन्तर्गत सहायता।
क) बालिका को जन्म उपरान्त 500/- रूपये की राशि की सहायता
ख) जब बालिका स्कूल जाने लगे तो उसे निम्न दरों पर छात्रवृतियां
कक्षा छात्रव़ति की वार्षिक दर
I-III
प्रत्येक कक्षा के लिये 300/- रूपये
IV
500/- रूपये
V
600/- रूपये
V I-V II
700/- रूपये (प्रत्येक कक्षा के लिए)
V III
800/- रूपये
IX -X
1000/- रूपये(प्रत्येक कक्षा के लिए)
यह
राशि उनको वर्ष में सफलतापूर्वक कक्षा पास करने के उपरान्त ही दी जायेगी।
जिन बालिकाओं की माताओं को 500/- रूपये की सहायता दी जा चुकी है,
उन
लडकियों को केवल छात्रवृति का लाभ ही दिया जायेगा
सहायता प्रदान करने का तरीका
सहायता प्राप्त करने के लिये निर्धारित फार्म ग्रामीण क्षेत्रों
में आंगनवाडी वर्करज के पास तथा शहरी क्षेत्रों में चिकित्सा अधिकारी/
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी/ सिविल सर्जनों के कार्यालयों से निःशुल्क
उपलब्ध है।
ग्रामीण क्षेत्रों के लिये सुपरवाईजर भरे हुये आवेदन फार्म की जांच
करके बाल विकास परियोजना अधिकारी को भेजती है तथा शहरी क्षेत्रों में
चिकित्सा अधिकारी/ वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी/ सिविल सर्जन को आवेदन पत्र
देना पडता है।
राशि का विवरण
बालिका के जन्म के पश्चात 500/- स्पये की राश की सहायता एंव
छात्रवृति की राशि को बालिका के नाम एंव नामजद अधिकारी के नाम अधिकतम
ब्याज वाले संयुक्त खाते जैसा कि पब्लिक प्रोविडेन्ट फंड या राष्ट्रीय
बचत पत्र में आसपास के बैंक अथवा डाकघर में जमा करवाई जायेगी।
पैसे निकालने की सुविधा।
माता/संरक्षक की अनूमति से 500/- रूपये की राशि अथवा छात्रवृति राशि
में से कुछ भाग बालिका के नाम भाग्यश्री बालिका कल्याण बीमा योजना में
प्रिमियम की अदायगी के लिये प्रयोग किया जा सकता है। इसी प्रकार वार्षिक
छात्रवृति में से बालिका के लिये किताबें अथवा वर्दी खरीदने के लिये अनुमति
दी जा सकती है। शेष राशि को संयुक्त खाते में ही जमा करवाया जाएगा एक बार
खाते में जमा करवाई गई राशि को समय से पुर्व निकलवाने की अनुमति नही होगी।
राशि की अदायगी
लडकी के 18 वर्ष की आयु पुर्ण करने पर उसे ब्याज सहित खाते में से
पैसे निकलवाने की अनुमति दे दी जायेगी । परन्तु इसके लिये उसे ग्राम
पंचायत/ नगरपालिका से यह प्रमाण-पत्र प्राप्त कर प्रस्तुत करना होगा कि
वह 18वें जन्म दिन पर अविवाहित है।
18 वर्ष की आयु से पहले शादी करवा लेने की स्थिति में उसे केवल
500/- रूपये की राशि व उस पर ब्याज की ही अदायगी की जायेगी जबकि वार्षिक
छात्रवृतियों की जमा राशि व उस पर ब्याज को जब्त कर लिया जायेगा।
लडकी की 18 वर्ष की आयु से पहले म़त्यु हो जाने की स्थिति में
उसके खाते में जमा राशि का कोई लाभ उसे नहीं दिया जायेगा।
पात्रता:-
-
लाभ केवल गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों से सम्बन्ध रखने वाली लडकियों
को दिया जायेगा।
-
एक परिवार में अधिक से अधिक दो लडकियों को ही लाभ दिया जायेगा चाहे उस
परिवार में कितने ही बच्चे क्यों न हों।
सम्पर्क:-
गांव स्तर: आंगनवाडी कार्यकर्ता/सुपरवाईजर (आई. सी. डी. एस.)
खण्ड स्तर: बाल विकास परियोजना अधिकारी,
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी,
चिकित्सा,(
सी. एच. सी. )/ पी एच सी
जिला स्तर: कार्यक्रम अधिकारी (आई. सी. डी. एस.) फोन
: 2222735
सिविल
सर्जन
फोन
: 2218407