बायो गैस
उद्देश्यः-
पशुओं के गोबर,
मानव के मल-मूत्र तथा अन्य उपयोगी क़षि अवशेषों को बहुमूल्य खाद में
बदलना,
रसोई घर के लिये गैस तथा रोशनी का प्रबन्ध,
पर्यावरण तथा स्वास्थ्य हालातों का सुधार करना,
लकडी एंव बहुमूल्य तेल की बचत करना है।
पात्रता :-
कोई भी नागरिक निर्धरित संख्या में पशु तथा स्थान उपलब्ध होने पर
प्लाट की स्थापना करवा सकता है जिसके बारे में विरिण निम्न प्रकार से
है।
कोई भी नागरिक निर्धारित संख्या में प्लाट स्थान उपलब्ध होने पर
प्लांट की स्थापना करवा सकता है जिसके बारे में विवरण निम्न प्रकार से
है।
सयंन्त्र की क्षमता गोबर की आवश्यकता निर्माण खर्च प्रति
सयंत्र पशु संख्या जितने व्यक्तियों के लिये
घन मी. में किलो ग्राम
प्रतिदिन खाना बनाया जा सकता है।
1 25 7000
2-3 3-4
2 50 8500
4-6 5-8
3 75 9500
7-9 8-12
4 100 12,500
10-12 12-16
विभिन्न चरणों पर सरकारी सहायता
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कम ब्याज पर बैंकों से ऋण की सुविधा।
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निर्माण/ रखरखाव हेतू तकनीकी परार्मश विभाग द्वारा देना।
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गैस के समुचित प्रयोग हेतू प्रशिक्षण देना।
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अनुसूचित जाति/लघु/सीमान्त और भूमिहीन परिवारों को 10 घनमीटर तक के
सयंत्रों पर 2300 रूपये का अनुदान देना।
-
सामान्य श्रैणी के किसानों को 1800 रूपयों का अनुदान देना।
विशेष:-डीजल इन्जिनों में बायो गैस के प्रयोग से तेल की खपत में 80
प्रतिशत तक कमी हो सकती है।
सम्पर्क:-
1 उप निदेशक,
क़षि,
लघु
सचिवालय,
सोनीपत
2 सम्बन्धित उपमण्डल क़षि अधिकारी,
सोनीपत फोन : 2222413