यह योजना राज्य सरकार द्वारा 02-10-1984 को लागू की गई है। उद्देश्यः बेटी के स्तर को परिवार और समाज में उंचा उटाना, लोगों के विचारों में बदलाव लाना, जिससे बेटी को पराया धन न मानकर अपना धन माना जाए तथा बेटी को जन्म देने वाली मां को भी सम्मानित किया जाये। योजना के लाभः योजना के अन्तर्गत 500/- रूपये की राशि बेटी को जन्म देने पर मां को 15 दिन के अन्दर उसकी खुराक के लिए दी जाती है। पात्रताः (क) सभी अनुसूचित जाति व पिछड़ी जाति के परिवार, सिवाय सरकारी कार्यालयों/निगमों में कार्यरत श्रेणी 1 व 2 के अधिकारियों व आयकर दाताओं के। (ख) अन्य जातियों के गरीबी रेखा के नीचे वाले परिवार। (ग) केवल वही परिवार जिनमें बच्चों की संख्या नवजात शिशु को लेकर तीन या तीन से कम हो। प्रक्रियाः (क) मां के लिए 500/- रूपये आवेदन-पत्र का निर्धारित प्रोफार्मा क्षेत्रों में आंगनवाड़ी केन्द्र और शहरी क्षेत्रों में सामान्य अस्पताल/सामुदायिक केन्द्र/प्राथमिक स्वास्थ्यकेन्द्र के चिकित्सा अधिकारी प्रभारी से निःशुल्क प्राप्त किया जा सकता है। भरा हुआ आवेदन पत्र तथ्यों की पुष्टि के बाद सुपरवाईजर(आई.सी.डी.एस.)बाल विकास परियोजना अधिकारी को भेजती है तथा शहरी क्षेत्रों में आवेदन पत्र महिला स्वास्थ्य सुपरवाईजर के माध्यम से चिकित्सा प्रभारी को देना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में 500/- रूपये की राशि की स्वीकृती बाल विकास परियोजना अधिकारी द्वारा तथा शहरी क्षेत्रों में वरिष्ठ चिकित्सा प्रभारी/ चिकित्सा अधिकारी द्वारा स्वीकृत की जाती है। माताओं को 500/- रूपये की सहायता वितरण करने का तरीका ग्रामीण क्षेत्रों में माताओं को 500/- रूपये की नकद अदायगी सुपरवाईजर (आई.सी.ड़ी.एस.) द्वारा महिला सरपंच/पंच/ए.एन.एम./लेड़ी टीचर/महिला मण्डल सदस्या अथवा गांव की अन्य प्रतिष्ठित महिला की उपस्थिति में की जाती है। इसी प्रकार शहरी क्षेत्रों में माताओं को अदायगी स्वास्थ्य विभाग के कार्यकर्ताओं द्वारा बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता महिला, स्कूल अध्यापिका अथवा उस क्षेत्र की किसी प्रतिष्ठित महिला की उपस्थिति में की जाती है। (ख) बेटी के लिये राशि का निवेशः अभी तक सरकार द्वारा बेटी के नाम 2500/- रूपये की राशि का निवेश इन्दिरा विकास पत्र में किया जा रहा था चूंकि भारत सरकार द्वारा इन्दिरा विकास पत्र योजना बन्द कर दी गई है अतः लड़कियों के नाम अन्य योजना में राशि निवेश करने का मामला राज्य सरकार के पास विचारीधीन है। राशि की अदायगीः इन्दिरा विकास पत्रों में निवेश की गई परिवक्व राशि बेटी को 18 वर्ष की आयु पुर्ण होने पर दे दी जायेगी बशर्ते कि वह अविवाहित हो। समपर्कः गांव स्तर परः आंगनवाड़ी कार्यकर्ता। खण्ड स्तरः बाल विकास परियोजना अधिकारी। जिला स्तरछ कार्यक्रम अधिकारी?सिविल सर्जन। फोनः PO, ICDS 2222735, CMO 2218407