अनुसूचित जाति एंव पिछड़े वर्ग की योजनाएं

(1) अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण अधिनियम) 1989 की परिपालना (पी.ओ.ए.)

उद्देश्यः
      इस योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति के अत्याचारों से पीड़ित व्यक्तियों को आर्थिक सहायता देना है।
वित्तिय सहायताः
       इस योजना के अन्तर्गत विभिन्न प्रकार के अत्याचार होने पर अनुसूचित जाति के व्यक्तियों को 15,000 रूपये से 2.00 लाख रूपये तक की राशि प्रदान की जाती है।

(2) कोचिंग एण्ड एलाईड़ योजना

उद्देश्यः
      अनुसूचित जाति के छात्रों को स्टैनोग्राफी/टाईपिंग अंग्रेजी तथा हिन्दी में एक वर्षीय नियमित कोचिंग देना तथा विभिन्न प्रतियोगिक परीक्षाओं जैसे रेलवे चयन बोर्ड, बैंकिंग चयन बोर्ड तथा कर्मचारी चयन कमीशन आदि द्वारा ली जाने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अल्पावधि, क्रैश कोर्सों द्वारा तैयारी करवा कर इन परीक्षाओं को उत्तीर्ण करने के अवसर बढाना।
छात्रवृतिः
      प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी को 100/- रूपये मासिक छात्रवृति प्रदान की जाती है।
पात्रताः
     प्रार्थी के माता पिता/अभिभावकों की वार्षिक आय 24000/- रूपये से 44500/- रूपये तक तथा प्रार्थी हरियाणा का स्थाई निवासी हो।
प्रशिक्षण केन्द्रः
    अम्बाला, रोहतक, भिवानी तथा रिवाडी में हिन्दी अंग्रेजी दोनों भाषाओं में स्टैनोग्राफी/टाईपिंग प्रश्क्षण तथा करनाल में अंग्रेजी व हिसार में हिन्दी में स्टैनोग्राफी/टाईपिंग प्रशिक्षण के अतिरिक्त इन सभी केन्द्रों पर क्रैश कोर्सिज का आयोजन भी किया जाता है।

(3) उच्च प्रतियोगिक परीक्षाओं की तैयारी हेतू मुफ्त कोचिंग

उद्देश्यः
     अनुसूचित जाति/पिछड़े वर्ग के उम्मीदवारों को संघ लोक सेवा आयोग/हरियाणा लोक सेवा आयोग/रेलवे भर्ती बोर्ड/एल.आई.सी./ जी.आई.सी. व अन्य भर्ती एजेन्सीयों द्वारा समय-समय पर विभिन्न पदों हेतू ली जाने वाली प्रतियोगिक परीक्षाओं तथा मैडिकल/इंजिनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी हेतू प्राईवेट प्रतिष्ठित संस्थाओं के माध्यम से कोचिंग प्रदान करना ताकि इन परीक्षाओं को उत्तीर्ण करने के लिए इन छात्रों के अवसर बढ सकें।
आर्थिक सहायता राशिः
     संघ लोक सेवा आयोग द्वारा ली जाने वाली परीक्षा हेतू 4000/- रूपये तथा अन्य प्रतियोगिक परीक्षाओं व मैडिकल/इंजिनियरिंग हेतू 3000/- रूपये
पात्रताः
  1. प्रार्थी के माता पिता/अभिभावक की वार्षिक आय 44500/- रूपये से अधिक न हो।
  2. राज्य का स्थाई निवासी हो।

(4) छठी से 12वीं कक्षाओं में पढने वाले अनुसूचित जाति तथा विमुक्त जाति के छात्रों को किताबे तथा लेखन सामग्री खरीद हेतू अनुदान

उद्देश्यः
   अनुसूचित जाति/विमुक्त जाति के छात्रों को किताबें एंव लेखन सामग्री खरीदने हेतू अनुदान देना।
छात्रवृतिः
  6ठी से 8वीं 40/- रूपये वार्षिक प्रति छात्र
  9वीं से 12वीं 60/- रूपये वार्षिक प्रति छात्र
पात्रताः
  1. प्रार्थी के माता पिता या अभिभावक आयकर दाता न हों।
  2. परिवार के केवल एक ही छात्र को अनुदान दिया जा सकता है।

(5) छठी से 12वीं कक्षाओं में पढने वाले अनुसूचित जाति के छात्रों को छात्रवृति

उद्देश्यः
   अनुसूचित जाति के छात्रों को छात्रवृति प्रदान करना तथा ट्यूशन फीस व शिक्षा बोर्ड द्वारा ली जाने वाली परीक्षा फीस से छूट।
छात्रवृतिः
  6ठी से 8वीं 15/- रूपये प्रति मास
  9वीं से 12वीं 20/- रूपये प्रति मास
पात्रताः प्रार्थी के माता पिता या अभिभावक आयकर दाता न हो।
आवेदन पत्रः सम्बन्धित स्कूल के मुख्याध्यापक/प्रधानाचार्य से प्राप्त करें।

(6) अनुसूचित जाति के 9वीं व 12वीं कक्षा में पढने वाली छात्राओं को येग्यता छात्रवृति

उद्देश्यः
    अनुसुचित जाति की 9वीं कक्षाओं में पढने वाली छात्राओं को योग्यता छात्रवृति देना।
छात्रवृतिः
    योग्यता छात्रवृति 9वीं, 10वीं, 11वीं तथा 12वीं कक्षाओं में क्रमशः 80/- रूपये 100/- रूपये 120/- रूपये तथा 140/- रूपये प्रतिमास दी जाती है।
चयन प्रक्रियाः
    प्रत्येक जिले में 9वीं से 12वीं कक्षाओं में से प्रत्येक कक्षा में 10-10 यानि कुल 40 छात्राओं जो प्रथम स्थानों पर रहती है, को प्रदान की जाती है। यह सूचि सम्बन्धित जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा तैयार की जाती है तथा इसके बाद सम्बन्धित उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित कमेटी द्वारा जिसके जिला कल्याण अधिकारी सदस्य तथा जिला शिक्षा अधिकारी अन्य सदस्य है, के 40 नामों का चयन किया जाता है जिन्हे पुरे वर्ष छात्रवृति प्रदान की जाती है।
आवेदनः- सम्बन्धित स्कूल से प्राप्त किए जा सकते है।

(7) पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति

उद्देश्यः
    मैट्रिकोत्तर कक्षाओं में पढने वाले अनुसूचित जातियों के छात्रों को छात्रवृति के रूप में वित्तिय सहायता प्रदान करना ताकि वे अपनी शिक्षा पूरी कर सकें। इसके अतिरिक्त छात्रों द्वारा अदा की जाने वाली सभी आवश्यक नान रिफण्डेबल फीस की अदायगी।
छात्रवृतिः
    विभिन्न पोस्ट मैट्रिक कक्षाओं में 90/- रूपये से 425/- रूपये तक प्रतिमास प्रति छात्र छात्रवृति तथा अध्ययन दौरे हेतू 500/- रूपये प्रतिवर्ष तथा दूरवर्ती और अनुवर्ती शिक्षा सहित पत्राचार में पढने वालों को कोर्स फीस की अदायगी के अतिरिक्त 500/- रूपये पाठ्य किताबों के लिए प्रति वर्ष प्रदान किये जाते है।
पात्रताः
    अनुसूचित जाति के छात्र जिनके माता पिता या अभिभावक की वार्षिक आय 38220/- रूपये से 50920/- रूपये तक है।
आवेदनः
    सम्बन्धित जिला कल्याण अधिकारी/संस्थाओं/प्रधानाचार्य के कार्यालय से प्राप्त कर सकते है।

(8) पिछड़े वर्ग के छात्रों की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति

उद्देश्यः
    कालेज स्तर पर पढने वाले पिछड़े वर्ग के छात्रों को छात्रवृति/ट्युशन फीस तथा विश्वविद्यालय फीस की प्रतिपूर्ति करना।
छात्रवृतिः
    50/- रूपये से 200/- रूपये प्रतिमास
पात्रताः
    प्रशिक्षणार्थी के माता पिता के परिवार की वार्षिक आय 24000/- रूपये से अधिकन हो।
आवेदनः
    सम्बन्धित जिला कल्याण अधिकारी/प्रधानाचार्य के कार्यालय से प्राप्त कर सकते है।

(9) विमुक्त एंव टपरीवास जाति के छात्रों को छात्रवृति

उद्देश्यः
    पहली से पोस्ट ग्रेजुएट कक्षाओं में पढने वाले विमुक्त एंव टपरीवास जाति के छात्रों को छात्रवृति।
छात्रवृतिः विभिन्न कक्षाओं में 10/- रूपये से 185/- रूपये प्रति मास
पात्रताः प्रार्थी के माता पिता या अभिभावक आयकर दाता न हो।
आवेदन पत्रः सम्बन्धित स्कूल/कालेज से प्राप्त किए जा सकते है।

(10) अस्वच्छ व्यवसाय में लगे अनुसूचित जाति के व्यक्तियों के बच्चों के लिये छात्रावास तथा प्री-मैट्रिक छात्रवृति

उद्देश्यः
    सरकार द्वारा अस्वच्छ व्यवसायों जैसे शुष्क शौचालयों को साफ करना, खाल उतारने तथा चमड़ा रंगने का कार्य करने वाले व्यक्तियों के उन बच्चों जो कि छठी से दसवीं तक पढते हों, के लिये मुफ्त रहने, खाने पीने की सुविधा-युक्त 5 छात्रावास क्रमशः फरीदाबाद, रोहतक, रेवाड़ी, करनाल तथा अम्बाला में खोले हुए है।
छात्रवृतिः
    छात्रावास में रहने वाले छात्रों को तीसरी कक्षा से 8वीं कक्षा कर 200/- रूपये तथा 9वीं तथा 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए 250/- रूपये प्रतिमास छात्रवृति प्रदान की जाती है तथा 500/- रूपये की एक मुश्त तदर्थ सहायता दी जाती है। छात्रावास में न रहने वाले छात्रों को पहली से 5वीं कक्षा तक 25/- रूपये 6वीं से 8वीं कक्षा तक 40/- रूपये तथा 9वीं-10वीं में 50/- रूपये प्रतिमास प्रति छात्र की दर से छात्रवृति।

(11) पिछड़े वर्ग के 9वीं से 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्रों को छात्रवृति

उद्देश्यः
    पिछड़े वर्ग के 9वीं से 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्रों को छात्रवृति/ट्यूशन फीस में छूट तथा स्कूल शिक्षा बोर्ड की परीक्षा फीस से छूट आदि की सुविधाएं देना।
छात्रवृतिः 20/- रूपये प्रति छात्र प्रति मास छात्रवृति
पात्रताः प्रार्थी के माता पिता या अभिभावक आयकर दाता न हों।
आवेदन पत्रः सम्बन्धित स्कूल के मुख्याध्यापक/प्रधानाचार्य से प्राप्त करें।

(12) नाहरिक अधिकार सरंक्षण अधिनियम 1955 की पालना हेतू योजनाएं

1. कानूनी सहायताः
उद्देश्यः
    अनुसूचित जाति के व्यक्तियों के नागरिक अधिकार सरंक्षण नियम, 1955 के अन्तर्गत दर्ज मुकदमों, भूमिपतियों द्वारा अत्याचार और भूमि बेदखली के मुकदमों में पैरवी करने के लिए कानूनी सहायता दी जाती है।
अनुदान सीमाः
    500/- रूपये की राशि जिला कल्याण अधिकारी द्वारा तथा इससे अधिक जिला उपायुक्त द्वारा स्वीकृत की जाती है।

(13) मकान बनाने की सुविधा

उद्देश्यः
    पक्का मकान बनाने हेतू अनुदान प्रदान करना।
पात्रताः
    1. अनुसूचित जाति/विमुक्तजाति/टपरीवास जाति के व्यक्ति।
    2. प्रार्थी के पास रहने योग्य मकान न हो तथा उसके पास कम से कम 50 वर्ग गज का प्लाट हो तथा पहले इस    प्रयजन हेतू अनुदान प्राप्त नही किया हो।
अनुदान सीमा तथा मकान बनाने की अवधिः
    मकान बनाने हेतू 10,000/- रूपये का अनुदान जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित जिला सलाहकार समिति की सिफारिश पर दिया जाता है तथा अनुदान प्राप्ति के 6 मास के अन्दर 12'x12' का कमरा तथा 6'x6' की रसोई बनानी होती है।
आवेदनः
    1. विभाग द्वारा अप्रैल/मई मास में प्रमुख समाचार पत्रों में विज्ञापन देकर आवेदन आमन्त्रित किए जाते है।
    2. जिला/तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालयों द्वारा मुफ्त आवेदन पत्र प्रदान किए जाते है।

(14) लड़कियों की शादी हेतू अनुदान

उद्देश्यः
    हरियाणा की स्थाई निवासी अनुसूचित जाति/विमुक्त जाति/टपरीवास जाति की विधवाओं/निराश्रित महिलाओं को उनकी लड़कियों की शादी हेतू आर्थिक सहायता देना।
अनुदान सीमाः
    दो लड़कियों की शादी कर प्रत्येक लड़की की शादी हेतू अनुदान राशि 10,000/- रूपये शादी की तिथि से एक मास के अन्दर।
पात्रताः
    1. अनुसूचित जाति/विमुक्त जाति/टपरीवास जातियों की विधवाएं/निराश्रित महिलाएं।
    2. प्रार्थी विधवा अथवा निराश्रित होनी चाहिए।
    3. लड़की की आयु शादी के समय 18 वर्श से कम नही होनी चाहिए। ( आयु प्रमाण-पत्र स्कूल से)
    4. गरीबी रेखा के अन्तर्गत निर्धारित सीमा से कम आय।
आवेदनः
    आवेदन शादी के एक माह पुर्व निर्धारित फार्म पर देना होता है।

(15) शादी के उत्सव पर कन्यादान सहायता

उद्देश्यः
    इस योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति के कमजोर तबके को आर्थिक सहायता देकर उनकी लड़कियों की शादी में आने वाली कठिनाईयों को कम करना है।
अनुदान सीमाः
    इस योजना के अन्तर्गत शादी के अवसर पर 5100/- रूपये की सहायता कन्यादान के रूप में प्रदान की जाती है।
पात्रताः
    इस योजना ला लाभ गरीबी रेखा से नीचे रह रहे हरियाणा के अनुसूचित जाति के स्थाई निवासी व्यक्तियों को जिनकी लड़की की शादी के समय आयु कम से कम 18 वर्ष हो, को दो लड़कियों की शादी कर प्रदान किया जाता है। वह महिलाएं, जो विधवा हो या जिन्हे तलाक दिया जा चुका हो तथा वह दोबारा शादी कर रही हो व उन्हे यह अनुदान नही मिला हो तथा योजना की अन्य शर्ते पूरी करती हो, उनको भी यह अनुदान दिया जाएगा।
आवेदनः
    लाभ उठाने के इच्छुक व्यक्ति निर्धारित फार्म में आवेदन कर सकते है।

(16) सिलाई प्रशिक्षण योजना

उद्देश्यः
    अनुसूचित जाति की विधवाओं, बेसहारा औरतों व गरीब लड़कियों को सिलाई का प्रशिक्षण देकर उन्हे आजीविका चलाने हेतू योग्य करना।
छात्रवृतिः
    प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी को 100/- रूपये मासिक छात्रवृति तथा 50/- रूपये मासिक कच्चे माल के अतिरिक्त व सालाना प्रशिक्षण पूरा होने पर एक सिलाई मशीन मुफ्त प्रदान की जाती है।
पात्रताः
    प्रशिक्षणार्थी के माता पिता के परिवार की वार्षिक आय डी.आर.आई. योजना में कवर होनी चाहिए।
निर्धारित सीटों की संख्याः
    प्रत्येक कल्याण केन्द्र में 20 प्रशिक्षणार्थी है।

(17) अन्तर्जातीय विवाह योजनाः

उद्देश्यः
    इस योजना का उद्देश्य जातिवाद की भावना कम करना है। जिसके तहत यदि कोई अनुसूचित जाति का लड़का या लड़की किसी गैर अनुसूचित जाति के लड़के या लड़की से शादी करते है तो उसे प्रोत्साहन दिया जाता है।
पात्रताः
    प्रार्थी हरियाणा का स्थाई निवासी हो। आवेदन पत्र शादी से एक वर्ष के अन्दर-अन्दर देना चाहिए।
अनुदान सीमाः
    25000/- रूपये की राशि जिसमें से 10000/- रूपये नकद तथा 15000/- रूपये नव विवाहित जोडे के संयुक्त नाम से 6 वर्षीय फिक्स डिपोजिस्ट के रूप में दिए जाते है।

(18) अनुसूचित जाति के छात्रों को किताबें?लेखन सामग्री खरीदने के लिए ब्याज रहित ऋण

उद्देश्यः
    अनुसूचित जाति के मैट्रिकोत्तर कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्रों को पाठ्य किताबे तथा लेखन सामग्री खरीदने हेतू ब्याज रहित ऋण प्रदान करना।
ऋण राशि सीमाः
मैट्रिकोत्तर 800/- रूपये
स्नातकोत्तर 1500/- रूपये
व्यवसायिक कोर्स 2000/- रूपये
ऋण की वसूलीः
जब छात्र अपना कोई काम धन्धा आर्मऊ कर देता है या रोजगार प्राप्त कर लेता है या शिक्षा पूरी कर लेता है तो उससे आसान किस्तों में 50/- रूपये प्रतिमास की दर से वसूली की जाती है।
आवेदनः
1. विभाग द्वारा आवेदन पत्र प्राप्ति हेतू प्रमुख समाचार पत्रों में विज्ञापन दिया जाता है।
2. जिला?तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय सोनीपत दवारा आवेदन पत्र निःशुल्क दिये जाते है।
समपर्कः
उपरोक्त सभी योजनाओं की जानकारी के लिये सम्पर्क करेः-
जिला क्लायाण अधिकारी, सोनीपत फोनः 2220732
अथवा
तहसील कल्याण अधिकारी, सभी तहसील स्तर पर