देवी रूपक
उद्देश्य :
राज्य
में जनसभा नियंत्रण,
लिंग अनुपात को उचित बनाए रखना व एक बच्चे तक तक
परिवार सीमित करने अथवा अधिकतम दो बच्चों में अन्तर रखने के लिए उपाय
करने पर योग्य दम्पत्तियों को मासिक प्रोत्साहन राशि प्रदान कर
उत्साहर्वद्धन करना।
योजना :
दो
बच्चों¼यदि
दोनों लडके न हों½
तक परिवार को सीमित रखने के लिए परिवार नियोजन के स्थाई तरीके अपनाने पर
योग्य दम्पत्तियों को हर महिने¼अधिकतम
20 वर्ष तक½
प्रोत्साहन राशि हरियाणा सरकार द्वारा प्रदान की जाती हैं।
सहायता :
क्र.स. परिवार नियोजन का चरण प्रोत्साहन राशि
1. प्रथम बच्चा लडकी के जन्म पर 500रू.
लडके के जन्म पर 200रू.
2. दूसरा बच्चा लडकी के जन्म पर 200रू.
¼यदि
पहले भी लडकी हैं½
प्रक्रिया :
योग्य दम्पत्तियों को अपनी पंचायत अथवा नगरपालिका में निर्धारित
Qkर्म
द्वारा पंजीकरण करवाकर व डाकखाने में सयुक्त नाम से खाता खुलवाकर सिविल
सर्जन को सूचित करना चाहिए। प्रोत्साहन राशि बन्धीकरण की तिथि से ही
मिलनी आरम्भ होगी तथा दम्पत्ति में से किसी एक की मृत्यु होने पर दूसरे
साथी द्वारा पुर्नविवाह नहीं करने तक यह राशि मिलनी जारी रहेगी। यदि
दम्पत्ति में से दोनों की मृत्यु हो जाए तो यह राशि बच्चे को निर्धारित/
पूर्ण अवधि तक मिलती रहेगी। यदि बंधीकरण के बावजूद किसी भी कारण से
दम्पत्ति को बच्चा पैदा हो जाता हैं तो प्रदान की गईपूर्ण राशि जब्त कर
ली जाएगी।
पात्रता :
1.
दम्पत्ति में से कोई भी आयकर दाता न हों।
2. यदि दम्पत्ति 25-9-02
से पहले विवाहित हैं तो
- इस तारीख को पति एवम् पत्नी की आयु क्रमश:
45 व 40 वर्ष से कम हो।
- इस तारिख से पहले स्थाई परिवार नियोजन न
अपनाया हो।
- दिनांक 26-1-2003 से
पहले एक बच्चे वाले दम्पत्ति द्वारा परिवार नियोजन अपनाया हो।
3. यदि दम्पत्ति 25-9-02
के बाद से विवाहित हो तो
-विवाह के दिन पति व पत्नी की आयु क्रमश:
21 व 18 वर्ष से अधिक हो।
-प्रथम बच्चा विवाह के दो वर्ष बाद पैदा
हुआ हो।
-दूसरा बच्चा पैदा होने की स्थिति में दो
वर्ष का अन्तर होना अनिवार्य हैं।
-प्रसव के तीन मास के अन्दर बन्धीकरण
करवाया हों।
सम्पर्क
:
सिविल सर्जन, सोनीपत
Qksन-
2218407