तहसील से सम्बन्धित कार्य
इंतकाल
जमीन के क्रय/विक्रय/हिब्बा अथवा विरासत/ वसीयत के बाद इन्तकाल
जरूरी हैं। विरासत के बाद इन्तकाल की रिपोर्ट पटवारी को 6 महीने के अन्दर
दें। बिना रजिस्ट्री की तबदीली की रिर्पोट 3 महीने के अन्दर दें।
दस्तबरदारी नामा/ रैहन प्रक्रिया :
पहले पटवारी के पास सूचना दर्ज करायें। पटवारी इसे रजिस्टर करेंगा तथा
गिरदावर कानूनगों इसकी पडताल करेगा। रजिस्टर्ड अधिकारी,
¼तहसीलदार/
नायब तहसीलदार½
दोनों पक्षों को सुनकर अन्तिम
QSlyk
करेगा।
यदि इन्तकाल किसी रजिस्ट्री के आधार पर होना हैं तो रजिस्ट्री भी
राजस्व अधिकारी के पास ले जरनी चाहिए।
नकल :
जमीन सम्बन्धित दस्तावेज की नकलें इत्यादि पटवारी/ एकल सेवा
केन्द्र से ली जा सकती हैं।
दरें :
1 नकल जमाबन्दी प्रति कृषि खतौनी 10/- रूपये
2 खसरा गिरदावरी प्रथम एक खसरा नम्बर के लिए दो रूपया उसके
बाद प्रत्येक खसरा
नम्बर के लिए एक रूपया।
3 औसत पांच सालाना 25/- रूपये एक प्रति
4 शजरा नसब 200 शब्द तक 2/-रू. उसके बाद अधिकतम 50/-
न्यूनतम 10/-रू.
प्रत्येक शब्द के लिए 2/-रू.
5 ततीमा मौका
¼अक्स
सिजरा½
25 खेतों तक
¼न्यूनतम
पांच रू.½
तथा दो रूपया प्रति खेत इसके
अतिरिक्त एक रू. प्रति खेत।
नकल प्राप्त करने की प्रक्रिया :
1 किसी भी अभिलेख/रिकार्ड/दस्तावेज की नकल लेने के लिए निर्धारित
Qkर्म
सी.डी.
पर 2 रूपये की कार्ट
Qhl
व तीन रूपये का स्टाम्प पेपर लगाकर आवेदन करना होगा।
2
यह Qkर्म
लाइसैंस प्राप्त टिकट विक्रेता जो लघु सचिवालय/
न्यायालय परिसर में बैंठते हैं,
से लिया जा सकता हैं।
3 आवेदक को यह ध्यान रखना चाहिए कि मागी गई नकल
का पूरा व सही विवरण आवेदन पत्र में दर्ज कर दिया गया हैं ऐसा करने से
रिकार्ड की जल्दी तलाश आसान हो जाती हैं।
4
यदि आवेदन पत्र अधूरा हैं या अन्य किसी कारणों से नकल
उपलब्ध नहीं हो तो आवेदन पत्र दाखिल दQतर
कर दिया जाता हैं। इसलिए पूर्ण तथा सही सूचना देना अति आवश्यक हैं।
5 यदि प्रार्थी अपनी प्रति 24
घंटे के अन्दर प्राप्त करना चाहता हैं तो उसे आवेदन पत्र
के उपर आवश्यक लिखना होगा तथा इसके लिए 2.00
रूपये प्रति कापी अलग से चार्ज की जायेगी।
6 विशेषाधिकारित दस्तावेंज की नकलें नही दी जा
सकती।
7 नकल प्रार्थी को स्वयं प्राप्त करनी चाहिए।
8
यदि कोई कार्यवाही किसी अधिकारी की कोर्ट में चल रही हो
तो उसे Qkईल
से सम्बन्धित दस्तावेज/आदेश
की नकल प्राप्त करने के लिए सम्बन्धित अधिकारी की इजाजत लेना आवश्यक हैं।
निशानदेही
:
आवश्यकता :
अपनी जमीन की सीमा जानने के लिए।
किसी जमीन के बारे में यदि झगडा हो।
जरूरी कागजात
1. ज्यूडिशियल कागज पर 10 रूपए की कोर्ट
Qhl
लगा कर अर्जी बनाएं।
2. अर्जी में लिखें -
क अदालत का नाम जहां अर्जी पेश होनी हैं।
ख अपना नाम पिता,
दादा ग्राम व तहसील का नाम
ग अपनी जमीन का खसरा क्षेत्र नम्बर
3. यदि निशानदेही किसी झगडे के कारण हो रही
हैं तो
क जिससे झगडा हो उसका नाम,
उसके पिता का नाम, दादा का नाम,
ग्राम व तहसील का नाम।
ख दूसरे पक्ष का तलब के लिए तलबाना
4. यदि आपकी प्रार्थना किसी रजिस्ट्री पर आधारित है तो
रजिस्ट्री की नकल
5. अर्जी की नकल।
प्रक्रिया :-
1. तहसीलदार/नायब तहसीलदार आपकी अर्जी की नकल
Qhल्ड
कानूनगों को निशानदेही के लिए भेजते हैं।
2.
Qhल्ड
कानूनगों निश्चित अवधि में यह कार्य करते हैं और रिपोर्ट वापस भेजते हैं।
3.
रिपोर्ट आने पर तहसीलदार/ नायब
तहसीलदारओनों पक्षों को बुलाकर उनका ब्यान लेकर निशानदेही का
QSlyk
करेगें।
4. यदि आप सन्तुष्ट नही हैं तो एस.डी.एम.
के पास एक माह के भीतर अपिल कर सकते है।
रजिस्ट्री
प्रक्रिया:-
100/-रूपए से उपर बेची गई भूमि की रजिस्ट्री
रजिस्ट्रार/सुयूक्त सब रजिस्ट्रार द्वारा
तहसील/उप तहसील में की जाती
हैं।
हिब्बा-बैय-रहन
इत्यादि का वसीका रजिस्ट्रार/सब रजिस्ट्रार
द्वारा की जाएगी। वसीका के समय मलकियत का
सबूत, जमाबन्दी/इन्तकाल/पुरानी
वसीका-कमेटी से सबूत आदि रखने चाहिए।
क्लैक्टर रेट की लिस्ट/गवाह/नम्बरदार
की शिनाख्त आवश्यक हैं।
नम्बरदार/सरपंच/मैम्बर
पंचायत/वकील गवाही कर सकते हैं।
सम्पर्क
:
1.
तहसीलदार, सोनीपत
Qksन-
2240413
2. तहसीलदार, गन्नौर
2460080
3. तहसीलदार, गोहाना
252019
4. तहसीलदार, खरखौदा
2584284